हिमाचल गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहा है,सरकार की कुल आय 16 हजार करोड़ है और खर्चा 27 हजार करोड़ तक पहुंच गया है,गत दो वर्षों में सरकार ने 28 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी है ,इस प्रकार सरकार के कुल खर्च के बराबर कर्ज ले लिया है,इस प्रकार हिमाचल सरकार 20 पैसे पैदा करने के लिये 1:30पै खर्च कर रही है.हालात आर्थिक दिवालियापन से भी बदतर हैं लेकिन आर्थिक दिवालियापन घोषित नहीं कर सकते कयोंकि ऐसा करने से सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है..
गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हिमाचल प्रदेश का बजट 17 मार्ग को विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा,हालात आमदनी 20 पै तो खर्चा 1:30 वाला है ,सरकार की आर्थिक हालात OPS लागू करने की जिद के कारण खराब हुई है,फिर भी ओल्ड पैंशन पूरी तरह लागू नहीं की जा सकत है,ओल्ड पैंशन लागू करने के लिए कर्मचारी अभी भी संघर्षरत हैं.देखना यह होगा कि सरकार अपने बजट में किस किस पर कैंची चलाती है,देने के नाम पर तो शायद कुछ नहीं मिलेगा.
इस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति इस प्रकार है—–
गणेश दत्त.
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