वित्तीय अनिमितताओं के भंवर में फंसती हिमाचल सरकार, आपदा राहत की राशि अपने चहेतों को बांटने में फंसी हिमाचल सरकार, केंद्रीय मदद को चहेतों को बांटने का आरोप, अब बंदरबांट का खुलासा होने पर रिकवरी का नोटिस, क्या सरकार की ऐजैन्सियां आंख बंद कर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रही हैं,मनरेगा में भी वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन करने का आरोप है,प्रधान मंत्री आवास योजना की राशि को भी किसी और मद में खर्च करने के खुलासे हो रहे हैं केंद्रीय सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने पर हिमाचल सरकार से जवाब तलवी कर सकती है.
वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार अपने काम काज को चलाने के लिए वित्तीय अनुशासन तोडने के कारण भ्रष्टाचार के भंवर में फंसती जा रही है.सबसे बड़ मामला आपदा के पैसे को चहेतों को बांटने और अब नोटिस भेजकर पैसे वापस मांगने का प्रकाश में आया है,भाजपा नेता और नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस विषय को अनेक मंचों पर उठाया था कि सुक्खू सरकार आपदा राहत का पैसा अपने चहेतों पर लुटा रही है,तब सरकार ने इसका खंडन किया था लेकिन अब बहुत से मामले घटित हुए हैं जिसमें सरकार की बंदरबांट सच #साबित ही है,और अब सरकार नोटिस देकर पैसे वापस करने के लिए कह रही है,इससे यह साबित हुआ है कि सरकार ने आपदा का पैसा अपने चहेतों को बांटा है.
केन्द्र सरकार अब केन्द्रीय सहायता की राशि को सरकार की ट्रेजरी में भेजने की जगह सीधे प्रभावितों के खाते में भेजने का विचार रखती है.
गणेश दत्त.
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