♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

हिमाचल में शीर्ष प्रशासनिक अफसरों के चेहरे बदलने की कवायद शुरू विधान सभा सत्र के बाद प्रशासन नयेपन के साथ दिखेगा,मुख्य सचिव, व पुलिस प्रमुख भी बदलाव की लाइन में पर शर्त यह होगी कि उन्हें कहां अडजेस्ट किया जाए, पुलिस प्रमुख यदि केंद्र में जाने के इच्छुक हो तो पुलिसका चेहरा भी नया होगा।?

हिमाचल प्रदेश में विधान सभा सत्र के बाद प्रशासन नये चेहरों के साथ देखा जा सकता है, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि हिमाचल के मुख्य सचिव श्री अनिल खाची की सरकार के बरिष्ठ मंत्री श्री महेंद्र सिंह ठाकुर के साथ हुई बहस बाजी के बाद इस बात को बल मिल रहा है कि मुख्य सचिव बदले जा रहे हैं लेकिन उन्हें कहां अडजेस्ट किया जाए यह अभी भविश्य के गर्भ में छुपा है।श्री अनिल खाची को मुख्य मंत्री का विश्वास पात्र माना जाता है,लेकिन मौजूदा हालात में मुख्य मंत्री की पसंद भी गौण हो जाती है जब उनके खासमखास मंत्री के साथ मुख्य सचिन की नहीं बनती हो, ऐसे में स्वभाविक है कि मुख्य मंत्री को अपने साथी के साथ खड़ा होना पड़ेगा।लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि मुख्य सचिव के बदले जाने का किसी श्रेत्र विशेष में इसका गलत संदेश तो नहीं जायेगा क्योंकि खाची को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
इसी प्रकार प्रदेश के पुलिस प्रमुख श्री संजय कुंन्डू के बारे में भी चर्चा है कि उनके केंद्र में प्रतिनियुक्ति में जाने की स्थिती में प्रदेश को पुलिस प्रमुख भी नया मिल सकता है।पुलिस प्रमुख भी मुख्य मंत्री के चहेते अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं वह मुख्य मंत्री के प्रिन्सिपल सचिव के तौर पर भी सेवायें दे चुके हैं यद्पि प्रिन्सिपल सचिव के रहते जनता व जनप्रतिनिधियों का उनके प्रति अनुभव अच्छा नहीं रहा है।
क्योंकि अगले वर्ष विधान सभा के आम चुनाव होने हैं और अगले महिने 4 चार उपचुनाव होने को हैं ऐसे में सरकार को अधिकारियों का चयन सोच समझकर करना पड़ेगा,बार बार फेरबदल भी अच्छा साबित नहीं होता।
कुल मिलाकर सरकार कुछ नये चेहरों को सरकार के चेहरों के रूप में देना चाहती है जिनकी छवि भी ठीक हो और कार्य करने का ढंग भी ठीक हो।अभी तक कुछ अधिकारियों के बारे में कहा जाता है कि उनके चेहरों में हंसी लेस मात्र भी नहीं है।ऐसे में पार्टी के नेता कार्यकर्ता समय समय पर मुख्य मंत्री के ध्यान में विषय को लाते रहते हैं।
गणेश दत्त।

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button




स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

[responsive-slider id=1811]

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129