प्रदेश
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हिमाचल में स्थानीय निकाय नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव परिणामों के बाद भाजपा कांग्रेस में जीत के दावों की होड़ सी लग गई है,भाजपा ने 25 नगर परिषदों में से 18 नगर परिषदों में बहुमत हासिल किया है जबकि 22 नगर पंचायतों में से 12 पर विजय हासिल की है,कयोंकि ये चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं हुये हैं इसलिए बढ़त को बढ़ाकर चढ़ाकर बताने और जनसमर्थन को हाईजैक करने का क्रम शुरू हो गया है,कांग्रेस के पास सरकार डंडा है इसलिए आजाद के तौर पर और थोड़ा-बहुत डराधमका कर समर्थन जुटाने का काम किया जा रहा है,सूत्रों के अनुसार सरकार ने सभी जिलाधीशों और प्रशासनिक अधिकारियों को समर्थन जुटाने का काम शौंपा है,कुछ स्थानों में आजाद उम्मीदवार जीतकर आये हैं उन्हें लोभ लालच देकर अपने पक्ष में किया जा रहा है,सरकार चुनाव चिह्न पर इन संस्थाओं के चुनाव कराने से डरती है लेकिन क्लेम करने में पीछे नहीं रहती है ,अब 31मई को नगर-निगमों के चुनाव परिणाम भी आयेंगे तो सभी पार्टियों को अपनी हैसियत का पता चल जायेगा।
हिमाचल प्रदेश में संपन्न नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव परिणाम आने के बाद अपने पक्ष में बताने की…
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पंचायत चुनाव पार्टियों की परीक्षा,भाजपा पैनल बनायेगी,कांग्रेस ने खुली छूट दे दी है,चेहरे पहचाने जा सकते हैं नगर-निगम नगर परिषद और नगर पंचायत में तो सभी को पता चलता है कि कौन किस दल से है फिर चुनाव चिह्न से दूरी कयों है?यह ठीक है कि पंचायत प्रधान उप प्रधान पंचों को स्वतन्त्र ही रहने देना चाहिए, कांग्रेस सत्ता में है वह दबाव बनाकर अपने उम्मीदवारों को वन टू वन बनाये रखने के लिए कहेगी,बेशक वह कह रही है है कि हमने सभी से चुनाव लड़ने के लिए कह दिया है,भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवारों संख्या को लेकर जरूर चिंतित हो सकती है कयोंकि सत्ता विरोधी लहर के कारण भारतीय जनता पार्टी के जीतने के चाॅस अधिक हैं,और उम्मीदवारों की भीड़ भी अधिक है खासकर जिलापरिषद सीटों पर संघर्ष अधिक दिखाई दे रहा है।
हिमाचल प्रदेश में नगर-निगम-नगरपरिषद -नगर पंचायत के चुनाव 17 मई को होंगे,इस आसय की घोषणा राज्य चुनाव आयोग ने कर…
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पंचायतीराज चुनाव अब 31 मई से पहले हरहालत में होंगे,सरकार अंत तक सस्पेंस बरकरार रखेगी,हर कदम पर मार खाने के बाद अब कोई बहाना शायद नहीं बचा है,पहले सर्वोच्च न्यायालय से डंडा पड़ा अब सरकार की मशीनरी को चुनाव प्रभावित करने का पूरा प्रयास जारी है,सरकार ने शायद जनता का मूंड भांप लिया है ,चुनाव का सिड्यूल 20 अप्रैल के आसपास जारी हो सकता है,सरकार 15 अप्रैल हिमाचल दिवस पर कुछ अप्रत्याशित घोषणा कर सकती है।
हिमाचल सरकार चुनाव टालने के हर प्रयास पर असफ़ल होने के बाद अब 20_-21अप्रैल को चुनाव का सिड्यूल जारी कर…
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हिमाचल सरकार का वर्ष 2026_27 का बजट कोयले को धोकर सफेद करने का प्रयास, आमदनी ₹20तो खर्च 80₹ बजट का आकार गत वर्ष से 4 हजार करोड़ घटा,मुख्य मंत्री ने कई स्थानों पर बचत करने का क्रम शुरू किया है लेकिन अब देर हो चुकी है,अपने वेतन में कटौती के साथ साथ अपने मंत्रियों विधायकों के वेतन में भी कैंची चलाई लेकिन 6 महिने के लिए 6 महिने बाद क्या कुबेर थैली लेकर हिमाचल आयेंगे,बजट में कुछ रिफॉर्म करने की बात,समाज को कुछ देने की बात?क्या जनता विश्वास करेगी?10 गारंटियों की चपेड़ें खा रहे लोग अब आश्वासनों पर विश्वास नहीं करेंगे।
हिमाचल प्रदेश के सुक्खू सरकार का चौथा बजट हलवा बनाने की इच्चा लेकिन घी चीनी नहीं केवल पानी का सलवा…
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हिमाचल विधान सभा का बजट सत्र आज से शुरू,सत्र में RDG रेवन्यू डेफिसिट ग्रान्ट का मुद्दा दोनों पक्षों के लिए गले की हड्डी साबित होने जा रहा है,सत्तापक्ष रेवन्यू डेफिसिट ग्रान्ट बंद करने को लेकर खूब हल्ला मचाने की फिराक में है तो पिपक्षी भाजपा हिमाचल सरकार की फिजूल खर्ची और नियुक्तियां और बेदर्दी से किये जा रहे खर्चों पर सरकार को घेरेगी और सत्तापक्ष की फिजूल खर्ची के कारण रेवेन्यू फैफिसिट ग्रान्ट बंद होने के लिए सत्तापक्ष को दोषी ठहरायेगी,यद्यपि RDG का मुद्दा काफी संवेदनशील मुद्दा है,RDG बंद होने को डिफैन्ड करना कठिन होगा कयोंकि सत्तापक्ष रेवन्यू डेफिसिट ग्रान्ट बंद करने के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहरायेगा।स्मरण रहे कि केंद्र सरकार गत 15_20 वर्षों से लगातार प्रदेश को अपने खर्चे कम करने और फिजूल खर्जी रोकने का आग्रह करती रही है लेकिन प्रदेश की सरकार केंद्र के सुझाव को मानने की जगह फजूल खर्ची का रिकॉर्ड बनाती चली गई और हालात काबू से बाहर हो गए।
हिमाचल विधान सभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है,बजट सत्र सत्तारूढ दल और विपक्ष के लिए कठिन…
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अंग्रेजी नववर्ष की अंधी दौड़ में भागते सैलानी,सड़कों में जाम हो गया आम,गाड़ियों में छलक रहे हैं जाम,प्रशासन उनकी आवाभक्ति में बहुत व्यस्त है,होटलों में टूरिस्टों का जमवाड़ा,हुड़दंगबाजी से आम लोगों का जीना मुहाल,हम कहां जा रहे हैं सरकारी कलैंडर इयर को नववर्ष मान बैठे हैं।
हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में अंग्रेजी नववर्ष बनाने वालों का तांता लगना शुरु हो गया है,सड़कें फुल होटल फुल और…
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हिमाचल में चिट्टा “राक्षस रक्तबीज” बन गया है,जितना पकड़ो उतना ही पैदा हो रहा है,आये दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं,कई लोगों ने इसे अपना रोज़गार बना दिया है और कई लोगों ने इसे नेटवर्किंग के जरिये अपना व्यापार बना डाला है,सरकार का अमला चिट्टा उन्मूलन में लगा तो हुआ है लेकिन इसे समाप्त करना अब मुश्किल सा लगता है,एक जानकारी के अनुसार सरकार के 65 अधिकारी और 20 से अधिक पुलिस वाले अभी तक पकड़े जा चुके हैं ,बाढ़ ही खेत को खाये तो उसे कौन बचाये।
हिमाचल में चिट्टे का सामराज्य रक्तबीज राक्षस की तरह रोज पैदा हो रहा है,सरकार का अमला प्रयत्नशील तो है लेकिन…
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हिमाचल सरकार का धारा 118 में प्रस्तावित संशोधन केवल बड़े बिल्डरों,भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने वाला है,हिमाचल के मूल गैरकृषकों को अभी भी दोनंबर का नागरिक बनकर रहना होगा,आवश्यकता तो इस बात की थी कि हिमाचल के मूलनिवासी जिसके पास कृषि योग्य भूमि नहीं है और 1972 में भूमिसुधार कानून बनाते समय उनके अधिकार सुरक्षित नहीं रखे गये थे,जबकि कोई भी नया कानून बनता है तो पूर्व के भारत के नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित किये जाते हैं उस समय हिमाचल के गैर कृषक मूल निवासियों के अधिकार सुनिश्चि नहीं किये गये थे जिसके कारण हिमाचल के गैर कृषक नागरिकों को लगातार कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं,सरकार ने अभी जो स॔शोधन किया है उसमें हिमाचलियों की सोसाइटीज को 118 के दायरे से बाहर रखा गया है यह भी बहुत गलत निर्णय है कयोंकि बहुत से गैर कृषक सोसाइटी के मेम्बर हैं लेकिन नये स॔शोधन से वे भी कृषक की क्षेणी में आ जायेंगे,कयोंकि धारा 118 की मूल भावना कृषक और गैर कृषक में परिभाषित की गई है न कि हिमाचली और गैर हिमाचली,हिमाचली सर्टिफिकेट बना के लोग सोसाईटी के सदस्य बन जायेंगे और वे बिना सरकार की अनुमति से मनचाही जमीन खरीद लेंगे,और गैर कृषक हिमाचली हिमाचल को बिकता देखते रहेंगे।
धारा 118 में किया गया स॔शोधन बिल्डरों और भू माफियाओं को लाभ पहुचाने वाला है और दलालों को फायदा पहुंचाने…
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धर्मशाला और मण्डी भाजपा कांग्रेस के रणक्षेत्र बने,भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के तीन साल के कुशासन,भाई भतीजावाद,भ्रटाचार पर 4 दिस॔म्बर को धर्मशाला में एक विशाल प्रदर्शन करने जा रही है,वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकाल के 3 साल का जश्न म॔डी में मनाने जा रही है, इस समय धर्मशाला में विधान सभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है,विपक्षी भाजपा सुक्खू सरकार की नाकामियों को भुनाने के लिये एक विशाल रैली करने जा रही है,हालांकि विधान सभा चुनाव के दो वर्ष का कार्यकाल अभी बाकी है लेकिन राजनैतिक पार्टियां जनता को आकर्षित करने के लिये ऐसे आयोजन करती रहती है,कांग्रेस सरकार भी 11 दिस॔बर को अपनी सरकार की तीन साल की कारगुजारी को जनता के समक्ष रखेगी।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने म॔डी में कार्यक्रम करने पर सुक्खू सरकार को कटघरे में खड़ा किया है,जयराम ठाकुर का कहना है प्राकृतिक आपदा के गहरे घाव झेल रही म॔डी जिला की जनता के घावों पर यह नमक छिड़कने जैसा जश्न है।
हिमाचल प्रदेश की सत्तारूढ़ व विपक्षी भाजपा ने एक दूसरे को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।4 दिस॔बर को…
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