आम मुद्दे
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ब॔गाल ममता की बौखलाहट के पीछे SIR नहीं दीवार पर लिखी हार विदाई दिख रही है,ममता दीदी बोलती है मुझे परेशान किया तो पूरे भारत को हिला दूंगी उसके पास हिलाने वाली भूचाल की कौनसी शक्ति है ?लगता है अबकी बार अंतिम बार खेला होगा,कह रही है SIR फार्म नहीं भरूंगी,फार्म नहीं भरेगी तो चुनाव कैसे लेड़ेगी?चुनाव से भागने का बहाना तो नहीं ढ़ूढ रही है?
ब॔गाल के चुनाव आते आते वहां की मुख्यम॔त्री ममता बैनर्जी की फौखलाहट भी चरम पर पहुंच गई है,ममता को लगता…
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पंजाब पुनर्गठन आयोग के अनुसार चंडीगढ़ में हिमाचल का 7,19%हिस्सा मिलना आवश्यक है लेकिन यह मुद्दा वर्षों से लटका हुआ है,सर्वोच्च न्यायालय ने भी निर्णय दिया था कि हिमाचल का 7,19% हिस्से के ऐवज में उसे लगभग 4 हज़ार करोड़ की राशि दी जाय,यह राशि पंजाब और हरियाणा सरकार अदा करें लेकिन अभी तक मामला लटका हुआ है,जब भी उत्तर क्षेत्र विकास परिषद की बैठक होती है तो प्रदेश के मुख्य म॔त्री इस विषय को उठाते हैं लेकिन हल कोई नहीं निकलता,हिमाचल सरकार फिर से सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष इस विषय को पुन: कयों नहीं उठाती?यह सोचनीय विषय है।मुख्य म॔त्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कल फिर इस विषय को केंद्रीय गृह मत्री के समक्ष उठाया है,अब इस विषय को सर्वोच्च न्यायालय के पास ले जाने की आवश्यकता है।
पंजाब पुनर्गठन आयोग के निर्देश के अनुसार चंडीगढ़ में हिमाचल को मिलने वाला 7:19% हिस्सा कयों नहीं मिल रहा है…
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लगातार पिटती कांग्रेस-नेतृत्व पर सवाल, क्या कांग्रेस में बड़ा विभाजन होने जा रहा है,प्रदेशों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हाहाकार मची हुई है,महागठब॔धन में अब कांग्रेस का प्रभाव लगभग शून्य की ओर बढ़ रहा है,कांग्रेस में बरिष्ठ नेता हासिये में हैं केवल दरबारियों को अधिमान मिलने से कांग्रेस के मूल विचारक अब विस्फोट करने के मूड में हैं विभाजन जल्द होने की संभावना व्यक्त की जा रही हैं। भीतर खाने कांग्रेस की तीनमूर्ति से लोग अब उब चुके हैः।
हार के चपड़ों से घायल कांग्रेस में अब विभाजन की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है,अधिकतर पुराने कांग्रेसी जो राहुल…
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देश के खिलाफ कितने षडयंत्र, दिल्ली के लाल किले के पास की घटना सामान्य नहीं है यह घटना लोकसभा के पास हुई भीषण आतंकवादी घटना से मेल खा रही है,दुर्भाग्यपूर्ण है विपक्ष आतंकवादी घटना की निंदा करने की जगह भारत सरकार को कोश रही है,देश के भीतर कुछ सांप हर संभव जहर फैलाकर देश को तोड़ना चाहते हैं,आज समय आ गया है जब उन सभी सांपों के फन कुचलकर सदा सदा के लिए समाप्त करने की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लालकिले के पास हुई विस्फोटक घटना बहुत चिंतित करने वाली है,आज देश के भीतर कितने ही…
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वोट चोरी नारे पर एक सनसनीखेज खुलासा, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी चुनावी मैदान में लगातार पिटते आ रहे हैं कहीं से भी अच्छी खबर नहीं आ रही है,उनके सहयोगी दल भी राहुल गांधी को गम्भीरता से नहीं लेते है,कांग्रेस पार्टी में उनके समर्थक परेशान हैं,अपने लीडर को लगातार राजनीति के फील्ड में पिटते देख कर राहुल के नेतृत्व पर कई प्रश्न खड़े हो रहे थे,उसका तोड़ निकालने के लिए उनके थिंक टैंको ने सबसे बढ़िया तरीका निकाला कि राहुल गांधी तो बहुत लोकप्रिय नेता हैं लेकिन हमारे वोट चोरी हो रहे हैं?कांग्रेस कभी EVM हैकिंग का सनसनीखेज दुष्प्रचार करती रही है लेकिन वह भी फ्लाप साबित हो गया ,अब वोट चोरी अभियान को सफल बनाने में राहुल गांधी का तंत्र काम कर रहा है इस अभियान के तहत राहुल का नेतृत्व मजबूत और वोट चोरी का दुष्प्रचार प्रभावी बनाने की योजना से कांग्रेस पार्टी कार्य कर रही है लेकिन यहां भी फ्लॉप साबित हो रही है कयोंकि वोट कभी चोरी हो ही नहीं सकता,उसका जीताजागता उदाहरण हिमाचल प्रदेश में और कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी जीत दर्ज करना कांग्रेस के मित्थ्या प्रचार की पोल खोलता है।
वोट चोरी अभियान पर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है,जब से कांग्रेस ने राहुल गांधी को नेता प्रोजेक्ट् किया है तब…
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“जलो मत रीस करो ” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने वाली कांग्रेस के लिए यह स॔देश बहुत कारगर साबित हो सकता है,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है और विश्व का सबसे बड़ा गैर राजनीतिक स॔गठन बन चुका है,लेकिन सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस लगभग सिमट गई है , कांग्रेस इन दिनों संघ के लगातार बढ़ते प्रभाव से खाशी परेशान है और स॔घ पर प्रतिबंध लगाने की बात कहकर अपनी खींज मिटा रही है,कांग्रेस ने स॔घ पर 3 बार प्रतिबंध लगाया पहला 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के समय दूसरा 1975 में आपातकाल लगने के समय और तीसरा 1992 में बाहरी मस्जिद ध्वस्त होने के समय,स॔घ को सबसे बड़ा नुकसान 1948 के प्रतिबंध के बाद हुआ जब गांधी की हत्या का दोष संघ के गले मढ़ दिया गया था लेकिन आयोग ने संघ के किसी संलिप्तता को खारिज कर दिया था लेकिन कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए आज तक संघ को गांधी जी की हत्या का आरोप स॔घ पर लगाती आई है।स॔घ शताब्दी वर्ष में सारे देश में व्यापक कार्यक्रम चल रहे हैं लेकिन कांग्रेस को स॔घ का विराट स्वरूप डर पैदा कर रहा है और बार-बार स॔घ पर प्रतिबंध लगाने की बात की जा रही है यह कांग्रेस इच्छा अब कभी स॔भव नहीं पायेगी।
कांग्रेस पार्टी इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विशाल स्वरूप को देखकर खाशी परेशान है,उनकी पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे…
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चुनावी गणित बताने वाले प्रशांत किशोर की पार्टी का गणित क्या है?प्रशांत किशोर ने 243 सीटों वाले बिहार में 116 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे है, उनमें से कितने जीतेंगे और कितने दूसरी पार्टियों को नुकसान पहुंचायेंगे यह 14 नवंबर को ही पता चलेगा,प्रशांत किशोर के बारे में बिहार में बड़ी उत्सुकता थी लेकिन, जनसुराज पार्टी के मात्र 116 उम्मीदवार खड़े करने के बाद अब लोग कह रहे हैं कि क्या प्रशांत किशोर किंग्स मेकर बनेंगे या वोट काटू साबित होंगे।
बिहार चुनाव में सभी पार्टियों ने अपना अपना जोर लगा दिया है,परम्परागत पार्टियों से हटकर इस बार प्रशांत किशोर की…
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हिमाचल के मुख्य म॔त्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि धारा 118 का सरलीकरण किया जायेगा,अच्छी बात है इसका सरलीकरण प्रदेश के आम नागरिकों के हितों की रक्षा करने के लिए बहुत आवश्यक है,लेकिन धारा 118 भाजपा और कांग्रेस के लिए एक फुटबाल बन चुकी है जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी तो श्री जयराम ठाकुर ने भी कहा था कि इसका सरलीकरण होगा,कांग्रेस का तीखा बयान आया हिमाचल आन सेल्स, अब सुखविंदर सिंह सुख्खू का बयान आया है तो भाजपा ने भी हिमाचल सेल्स कह कर मुद्दे को हवा दी है,वास्तव में कोई भी पार्टी इसकी जड़ तक नहीं जा रही है कि वास्तव में धारा 118 में कितनी कठिनाई है और हिमाचल के मूल नागरिक भी 118 के कारण कितने परेशान हैं,इसमें हिमाचली गैर हिमाचली का विषय नहीं है इस कानून में कृषक और गैर कृषक से संबंधित कानून है,इसमें सबसे बड़ी खामी यह है कि जब 1972 में धारा 118 में संशोधन हुआ तो उस समय हिमाचल के मूल निवासी जो गैर कृषक हैं उनके अधिकारों को सुनिश्चित नहीं किया गया और उनके अधिकार सुरक्षित नहीं रखे गए, जिसके कारण यह कानून गैर कृषक हिमाचलियों के लिए अभिषाप बन गया।
>हिमाचल प्रदेश में कृषि एवं भूसुधार कानून का सरलीकरण करने की चर्चा है।मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है…
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हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव को लेकर असमंजस कयों,अभी तक रोस्टर न बनाने जाने पर भ्रम की स्स्थिति बनी हुई है,हिमाचल का चुनाव आयोग रोस्टर न बनाने पर सरकार से पूछताछ करेगा या पुराने रोस्टर पर चुनाव कराने का आदेश देगा,हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल जनवरी 2026 में समाप्त हो रहा है,भारत के संविधान संशोधन के अनुसार निर्धारित सीमा के अंदर चुनाव कराना आवश्यक होता है लेकिन सरका,प्राकृतिक आपदा का बहाना बनाकर चुनाव टालना चाहती है लेकिन यह स॔भव नहीं होगा।
हिमाचल प्रदेश के पंचायतीराज स॔स्थाओं के चुनाओं को लेकर असमंजस की स्थिति साफ होनी चाहिए।यद्यपि चुनाव में अभी दो महाने…
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हिमाचल में मुख्य मत्री,मत्रियों विधायकों के वेतन भत्तों में अप्रत्याशित बृद्धि ,जनता में भारी रोष ,सोशल साइट्स पर वेतन भत्तों की बृद्धि पर तीखे व्यंग्य कसे जा रहे हैं ,हिमाचल प्रदेश घनघोर आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहा है,प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश को बदहाल कर दिया है,अब एक विधायक का वेतन और भत्ते मिलाकर 3 लाख से अधिक हो गया है,म॔त्रियों ,मुख्य मत्री का वेतन भत्ते मिलाकर 4 लाख के करीब हो गया है ,हैरान-परेशान करने वाली बात यह है कि सरकार कर्मचारियों की पैंशन और देय भत्ते आर्थिक संकट के कारण लगाकर लटका रही है लेकिन अपने वेतन भत्ते बढ़ाकर जले में नमक छिड़कने का कार्य कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में विधायकों मत्रियों मुख्य म॔त्री के वेतन भत्तों में अप्रत्याशित बृद्धि आम जनता में भारी रोष। लोक कह…
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