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आपदा के समय टूरिस्ट वाहनों का टैक्स बढ़ाकर हिमाचल को पर्यटन के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है,सरकार के सलाहकार बिना सोचे समझे निर्णय लेकर प्रदेश को नुकसान पहुंचा रहे हैं और प्रदेश के व्यवसाय को भी हानि पहुंचा रहे हैं,हिमाचल के होटल उद्योग में लगे लोगों का कहना है कि इस साल एक गाड़ी का 5 से 6 रुपए प्रतिदिन का टैक्स बढ़ाये जाने से नवरात्रों में हिमाचल आने वाले टूरिस्ट नहीं आये जिससे होटल व टैक्सी के कारोबार में लगे लोगों को भारी नुकसान हुआ और सरकार को भी राजस्व की हानि हुई है.बैंको से कर्ज लेकर टैक्सी चालकों को किस्तों के अदा करने के लाले पड़ गए हैं.

हिमाचल सरकार के अव्यवहारिक निर्णय जिस में आपदा के बाद एकाएक टूरिस्ट गाडियों का टैक्स 5 से 6 हजार प्रति दिन करने से दुर्गा पूजा का सीजन बुरी तरह प्रभावित हुआ और पिट गया.सरकार के सलाहकारों को टूरिस्टों को आकर्षित करने के लिए कुछ रियायतें देनी चाहिए न कि टैक्स बढ़ाकर टूरिस्टों को हिमाचल आने से रोकना चाहिए.

आपदा के बाद पहला सीजन दुर्गा पूजा का था जो अव्यवहारिक और अत्यधिक टैक्सों के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है.और सरकार का राजस्व भी घटा है सरकार को तत्काल भारी टैक्सों में की गई बर्द्धधि को वापस लेना चाहिए.

गणेश दत्त.

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