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हिमाचल विधान सभा सत्र का आज तीसरा दिन,सत्तापक्ष हिमाचल को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की लगातार मांग कर रहा है,चर्चा में शामिल सभी विधायकों ने एक स्वर में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की,विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगया है कि वह आपदा से निपटने में बुरी तरह असफल साबित हुई है,केंद्रीय सहायता के लिए मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस बात पर जोर दे रहे हैं कि केदारनाथ आपदा की तरह ही हिमाचल में आयी आपदा को भी शामिल किया जाए और उसी तर्ज पर सहायता दी जाए,पूर्व मुख्य मंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्रीय सहायता पर धन्यवाद तक नहीं कर रही है और लगातार केंद्रीय सहयता का राग अलाप रही है,उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ केन्द्र सरकार ने ही करना है तो प्रदेश सरकार किस लिए है,चर्चा के दौरान विधान सभा अध्यक्ष भी अपनी टिप्पणी देते रहते हैं तथा सदस्यों के अच्छे सुझाव का समर्थन करते हैं।

हिमाचल विधान सभा सत्र में पिछले दिनों आई बाढ़ व जलप्रलय से हुए नुकसान पर सत्ता पक्ष व विपक्ष एक स्वर में प्रदेश में हुए नुकसान पर अपनी राय रख रहे हैं।चर्चा में पक्ष विपक्ष के सभी सदस्य भाग ले रहे हैं।

सदस्य लगातार इस बात को उठा रहे हैं कि वर्षात भूस्खलन से हुई जान माल की भरपाई शीघ्र की जाय सड़कों की मरम्मत का कार्य शीघ्र हो और यातायात के साधन सुचारू रूप से चलें।

मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह लगातार हिमाचल को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रहे हैं।सदन इस आसय का प्रस्ताव भी पारित कर केंद्र को भेज सकता  है। कुल मिलाकर सत्तारूढ दल व विपक्ष एक स्वर में प्रदेश में एक स्वर से स्थिति को सामान्य बनाने के लिए एक मत है।

गणेश दत्त।

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