Buero Report
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SJVNL सतलुज जलविद्युत निगम best performing hydropower utility —-भारत सरकार की प्रतिष्ठित जल विद्युत कंपनी सतलुज जलविद्युत निगम को CBIP से अवार्ड मिला है यह अवार्ड जलविद्युत योजनाओं में पानी के उचित प्रयोग व दोहन के लिए दिया गया है, सतलुज जलविद्युत निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा आगामी महिने की 3 तारीख को केन्द्रीय विद्युत मंत्री आर के सिंह से नई दिल्ली में यह अवार्ड प्राप्त करेंगे,नन्दलाल शर्मा ने इस बात पर प्रशन्नता व्यक की है कि विद्युत उत्पादन के बहुत बड़े प्रोजेक्ट नाथपा झाकड़ी 1500मैगावाट और 412 मेगावाट रामपुर परियोजना का सफलता पूर्वक निर्माण व परिचालन,इस अवार्ड की उपलब्धता को दर्शाता है,जो कि पूरे प्रबंधन के कुशल व निष्ठा को समर्पित है।
हिमाचल प्रदेश में स्थित सतलुज जलविद्युत निगम SJVNLको सेन्ट्रल बोर्ड आफ पावर (CB I P) द्वारा बैस्ट परफोर्मिंग हाइड्रो पावर…
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पंजाब कठिन दौर के मुहाने पर,आमआदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पंजाब में आग लगा कर मुम्बई घूम रहे हैं,,आप पार्टी की सरकार ज्ञानी जैलसिंह वाली गलती कर पंजाब को खालिस्तानियों के हाथ सौंप॔ कर पंजाब को आग में झौंक रही है यह एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है,विदेशी ताकतों को ऐसी घटनाओं से आनंद आता है और देश की बदनामी होती है।देश प्रेमी लोगों को उसी दिन अंदाजा लग गया था जिस दिन पंजाब में आपकी सरकार बनी थी कि अब यह सरकार खालिस्तान की नींव रख कर ही चैन लेगी ; कयोंकि चुनाव में खालिस्तान समर्थकों ने केजरीवाल व मान का खुलकर साथ दिया था पैसा दिया था, आज वे उसका लाभ उठा रहे हैं।
पंजाब की स्थिति धीरे धीरे बहुत खराब होती जा रही है।चोरी डकैती बलात्कार भ्रष्टाचार तो काफी समय से चल रहा…
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NPS की राशि वापस न देने की स्थिति में हिमाचल सरकार केंद्र सरकार के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगी,लेकिन यह प्रयास भी व्यर्थ जायेगा,OPS की जगत NPS योजना शुरू करते समय एन पी एस राशि वापस देने का कोई प्रावधान नहीं है,यह केवल समय निकालक कर्मचारियों को गुमराह करने का तरीका मात्र है।कयोंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने और वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारों को पहले ही सावधान कर दिया है, कि ओ पी एस लागू करने वाले प्रदेशों को कोई अतिरिक्त सहायता या ऋण नहीं मिलेगा।
हिमाचल की सरकार ओल्ड पैंशन बहाल करने के लिए एन पी एस की राशि वापस न करने की स्थिति में…
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हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 3701 करोड़ का स्मार्ट बिजली मीटर का टैंडर रद्द किया, मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह ने टैंडर के रकम व लाखों उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सुविधा पर सवालिया निशान खड़ा करने के बाद,3700 करोड़ के टैंडर को रद्द कर दिया है हालांकि अभी तक टैंडर किसी पार्टी को अलाट नहीं किया है,लेकिन प्रथम दृष्टि में टैंडर को उपयुक्त नहीं पाया गया,केन्द्र सरकार की स्मार्ट मीटर योजना के अंतर्गत लगभग 25 लाख उपभोक्ताओं के घर पर ये मीटर लगाए जाने हैं,अब सरकार नये सिरे से टैंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद मीटर लगाने का काम शुरू करेगी,पिछली प्रक्रिया में इतने बड़े टैंडर को रद्द करना बड़ी इच्छा-शक्ति साहसिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है ,व्यरोक्रेटस् को एक संदेश भी दिया गया है कि सरकार लकीर की फकीर नहीं है।
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हिमाचल से “नशा” समाप्त करने वाली सरकार को लोग बहुत आशीर्वाद देंगे,हर व्यक्ति हर घर हर पार्टी, नशे से परेशान तो है लेकिन जिनके घर में नशा घुस गया है वो व्यक्ति घुट घुट कर मर तो जाता है, लेकिन बदनामी होने के डर से अपनी व्यथा किसी को नहीं बताता,शिमला के नये पुलिस अधीक्षक भी नशे के खिलाफ कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन वह कहां तक सफल होंगे यह समय ही बतायेगा।लेकिन प्रयासरत जरूर हैं,हिमाचल में पंजाब के रास्ते नशे के प्रवेश से खासकर चिट्टा के व्यापार से हिमाचल का माहौल खराब होता जा रहा है।स्कूल कालेज से लेकर समाज का एक वर्ग इसकी चपेट में आ चुका है,जो एक नासूर बनता जा रहा है।
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केन्द्रीय वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की दो टूक,NPS की राशि प्रदेशों को नहीं मिल सकती, इसका कहीं पर कोई प्रावधान नही है,O P S देने की घोषणा प्रदेशों को पीछे धकेल सकती है,यदि एन पी एस की राशि प्रदेशों को नहीं मिलेगी, तो प्रदेश उसकी भरपाई कहां से करेंगे,भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और बात कही है कि ओ पी स वाले राज्यों को अतिरिक्त सहायता और ऋण नहीं मिल सकेगा;हिमाचल के कानून विभाग ने भी ओ पी एस पर गोलमोल ओपिनियन देकर पल्ला झाड़ दिया है, भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों खिलाफ प्रदेश कैसे जा सकता है यह “ला” डिपार्टमेंट और सरकार पर निर्भर करता है कि ओ पी एस के लिए कौन सा रास्ता तय करना है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि हम प्रदेशों द्वारा ओ पी एस को लागू…
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लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही “आईलव” यू ,”आइ लव” यू का खेल शुरू हो गया है;अभी दो दिन पहले बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने कांग्रेस को निमंत्रण भेजा है कि यदि कांग्रेस साथ आ जाय तो भाजपा 100 सीटों में सिमट जायेगी,नितीश कुमार का निमंत्रण का मतलव है कि कांग्रेस नितीश के नेतृत्व को स्वीकार करे,लगे हाथ कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने भी नितीश कुमार के बयान का स्वागत किया है ।इसके पीछे की राजनीति की तह में जाया आवश्यक है जाना भी चाहिय,क्या नितीश कुमार राहुल गांधी को प्रधान मंत्री पद देना चाहते हैं या अपने लिए कांग्रेस का साथ चाह रहे हैं यह बात साफ न हुई और न ही होगी,आइ लव यू ,आइ लव यू चलता रहेगा,नितीश कुमार के बयान ने कांग्रेस को मृगतृष्णा जरूर भेजी है। रिजल्ट क्या निकलता है समय बतायेगा।
लोक सभा चुनाव से पहले “आइ लव यू “आइ लव यू” का खेल शुरू।बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने…
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हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के लिए “ट्रान्सफरें” सरदर्द बनती जा रही हैं,मुख्य मंत्री को कहना पड़ रहा है कि मंत्रीगण विधायक “ट्रान्सफर” के मामले लेकर न आंयें ,उसी तर्ज पर पर मंत्रीगण भी अपने कार्यकर्ताओं से अपील कर रहे हैं कि “ट्रान्सफर” की सिफारिश लेकर न आयें,हिमाचल की राजनीति में “ट्रान्सफर” हमेशा मुख्य मुद्दा रहता है, कई बार तो यह ट्रान्सफर उद्योग का रूप धारण कर लेता है,यहां जो भी सरकार बनती है वह ट्रान्सफरों से परेशान रहती है,ताजी ताजी सरकार के बनते ही हजारों ट्रान्सफर मुख्य मंत्री कार्यालय व विभागाध्यक्षों के दफ़्तरों में धक्के खा रही हैं।मुख्य मंत्री कार्यालय में लम्बित “ट्रान्सफर” के मामले में अब आदेश दे दिये हैं कि जिसके लिए मुख्य मंत्री कार्यालय से कहा जाय केवल वे ही “ट्रान्सफर” की जाय बाकी ठंडे बस्ते में डाली जांय।हिमाचल में सरकार बदलने के साथ ही पार्टी समर्थक अपने उत्पीड़न की बात कह कर मनचाहा स्टेशन चाहते हैं ,चाहे उत्पीड़न कभी हुआ ही न हो लेकिन उत्पीड़न शब्द को हथियार हमेशा बनाया जाता है।
हिमाचल में ट्रान्सफर हमेशा बड़ा मुद्दा रहता है।नई सरकार के लिए भी ट्रान्सफर सिरदर्दी बनती जा रही है। गणेश दत्त।
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#हिमाचल की सुख्खू सरकार के लिए मुसीबतों के अंबार , सुख कम समस्यायें अधिक,लेकिन सुक्खू दृढ इच्छानुसार झेलने को तैयार,इस महिने 2 हजार करोड़ का कर्ज लेंगे,सबसे पहले ओल्ड पैंशन के लिए बजट का जुगाड़ और उसके बाद वेतन पैंशन का इंतजाम करना किसी पहाड़ की चुनौती से कम नहीं,पार्टी के भीतर पनपता रोष ,क्षेत्रीय संतुलन व सभी को साथ लेकर चलना कठिन कार्य,मंत्रिमंडल व नियुक्तियों पर खींचतान जारी ,अगला महिना पड़ेगा भारी,विधान सभा सत्र में उनके साथियों की परीक्षा होगी, चुनावी वायदे सरदर्दी का कारक बने।
हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के लिए आर्थिक संकट रोज नयी समस्या लेकर आ रहा है।कर्ज लेने की सीमा…
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