केन्द्रीय वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की दो टूक,NPS की राशि प्रदेशों को नहीं मिल सकती, इसका कहीं पर कोई प्रावधान नही है,O P S देने की घोषणा प्रदेशों को पीछे धकेल सकती है,यदि एन पी एस की राशि प्रदेशों को नहीं मिलेगी, तो प्रदेश उसकी भरपाई कहां से करेंगे,भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और बात कही है कि ओ पी स वाले राज्यों को अतिरिक्त सहायता और ऋण नहीं मिल सकेगा;हिमाचल के कानून विभाग ने भी ओ पी एस पर गोलमोल ओपिनियन देकर पल्ला झाड़ दिया है, भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों खिलाफ प्रदेश कैसे जा सकता है यह “ला” डिपार्टमेंट और सरकार पर निर्भर करता है कि ओ पी एस के लिए कौन सा रास्ता तय करना है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि हम प्रदेशों द्वारा ओ पी एस को लागू करने के लिए एन पी एस की राशि प्रदेशों को नहीं दे सकते।ला डिपार्टमेंट केन्द्र के निर्देश के खिलाफ कैसे जा सकता है यह विषय सोचनीय है।
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