राजनीति
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दिल्ली का दंगल–हवा कुछ बदली बदली सी है तीन चुनावों के बाद इस बार भाजपा के हालात अच्छे ,कांग्रेस खाता खोलने की स्थिति में आप में आपदा का माहौल, भाजपा के लिए इस बार परिस्थिति काफी अनुकूल लग रही है,पहले के हवाई संगठन को मजबूत रूप में देखा जा सकता है,राजनीति के पंडित भाजपा को 45 सीटें ,आप पार्टी को 20 सीटें और कांग्रेस को 5 सीट निलने का अनुमान लगा रहे हैं भाजपा को पहले से 7%वोट अधिक मिलेंगे और आप का 8% वोट कांग्रेस को सिफ्ट होगा.
दिल्ली विधान सभा चुनाव में सारे देश की नजर लगी हुई है ,लगातार सरकार में आ रही आप पार्टी आपदाग्रस्त…
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मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ, देश के लोगों ने एक विनम्र व शालीन नेता को अंतिम विदाई दी,कांग्रेस के बचकाने नेतृत्व ने सरदार मनमोहन सिंह जी को जमीन के विवाद में घसीट कर अपनी जगहंसाई कराई,निगम बोध में अंतिम संस्कार करना क्या अपमान होता है,मोदी संस्कार ने स्व.मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने का निर्णय लिया है,कांग्रेस पार्टी को हर चीज में विवाद खड़ा करने में मजा आता है,AICC की कल की बैठक में लिए गये निर्णय, जिसमें मनमोहन सिंह के समाधि स्थल पर अंतिम संस्कार करने के प्रस्ताव से ही यह आभास हो गया था कि कांग्रेस पार्टी मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में जरूर विवाद खड़ा करेगी,वही हुआ इसे कहते हैं बचकना नेतृत्व.
कांग्रेस पार्टी के बचकाना नेतृत्व ने देश के पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह जी को विवाद में घसीट दिया है,अब…
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संसद में एक कहावत सच साबित हो गई, कहावत है क्रॉकरी की दुकान में सांड घुस गया तो क्रॉकरी का क्या हाल हुआ होगा,उसका उदाहरण संसद में सच साबित हुआ जिस प्रकार से नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बुजुर्ग सांसद को धक्का मारकर लहू-लुहान कर दिपा एक अन्य को बुरी तरह घायल कर दिया और एक महिला सांसद को असहज कर दिया,यह भारत के संसद में पहली बार ऐसी घटना घटित हुई जब अराजक सोच ने संसद को भी शर्मशार कर दिया.
भारतीय संसद के लिए पिछले कल का दिन देश को शर्मसार करने वाला साबित हुआ है,जब नेताप्रतिपक्ष के खिलाफ अभद…
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प्रियंका गांधी बाड्रा की लोकसभा में पहली स्पीच,मीडिया और सोशल नीडिया ने प्रियंका गांधी बड्रा को काफी महत्व दिया है,चर्चा संविधान पर आधारित थी पहुंच गये कहीं और, हमारे देश के जनमानस की मानसिकता खूबसूरती स्टाईल दादी जी की जैसी नाक पर टिकी रहती है,गांधी परिवार के सदस्यों के सभी के सोनियां गांधी राहुल गांधी और प्रियंका के सदन में पहुंचने से कांग्रेस का मनोबल अवश्य ऊंचा हुआ है एक समय राजीव गांधी के मासूम चेहरे और मां की हत्या होने के बाद राजीव गाधी के नेतृत्व में सबसे अधिक सीट प्राप्त करने का कांग्रेस पार्टी का एक इतिहास रहा है लेकिन उसके बाद क्या हुआ 1984 के बाद कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं आई. प्रियंका की लॉन्चिंग अच्छी है लेकिन लैंडिंग कैसी रहेगी यह समय बतायेगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रियंका का उदय चिंता का सबब जरूर रहेगा.
प्रियंका गांधी बाड्रा का राजनीति में उदय कांग्रेस के लिए कितना फलदाई रहेगा?राजीव गांधी की तरह या कुछ और? अक्सर…
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हिमाचल सरकार का दो साल का जश्न, दो साल की विफलता पर जोर अजमाइ, यह जनता पर छोड़ देना चाहिए, एक तरफ व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल तो दूसरी तरफ विफलता का आलम ,हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार बिलासपुर में जश्न मनायेगी तो भाजपा सरकार की विफलता और वादाखिलाफी पर रोष प्रदर्शन करेगी.11 दिसंबर का दिन काफी गर्म रहेगा.OPS के बाद हिमाचल की आर्थिक हालात बद से बदतर हुई है प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर हर वर्ग परेशान है.
हिमाचल प्रदेश में सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल को लेकर पक्ष व विपक्ष में जोरदार संघर्ष चल रहा है,सरकार…
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हिमाचल की सुक्खू सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं,सरकार की कार्यकुशलता और उपलब्धियों का आंकलन की आवश्यक है,प्रदेश सरकार ने क्या खोया कया पाया आने वाला समय प्रदेश के लिए कैसा रहेगा ,हर हिमाचल वासी अपनी सरकार को लेकर तरह तरह के कयास लगा रहा है,सरकार दो साल का जश्न मनाने के लिए उत्साहित है लेकिन जनता की निराशा सरकार को आड़े आ रही है.सरकार व संगठन में तालमेल का अभाव और गारंटियों पर कितना काम हुआ है?
हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों और नाकामियों की चर्चा अगले 10 दिन तक…
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का वैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग हार की कुंठा से ग्रस्त है,आधुनिक युग में लोग इलैक्ट्रानिक माध्यम से घर बैठे वोट डालने का अधिकार मांग रहे हैं लेकिन खड़गे प्राचीन पद्यतिपर चुनाव चाहते हैं,अब तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी वैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है,कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि जब परिणाम मनमाफिक आते हैं तो इ भी एम ठीक होता है और जब परिणाम विपरीत हों तो वैलेट पेपर से चुनाव की मांग की जाती है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का वैलेट पेपर से चुनाव कराने का बयान महाराष्ट्र में हुई करार हार का ही कारण …
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हिमाचल के भाग्य में ग्रहण लग गया है,आये दिन नयी नयी बुरी बुरी खबर देखने को मिल रही है,प्रदेश का हर व्यक्ति अपने को अपमानित महसूस कर रहा है,पिछले 10 दिनों में ऐसी ऐसी घटनायें घट रही हैं जिससे पूरा हिमाचल शर्मिंदा है,समौसा कांड एक मजाक बन गया,हिमाचल भवन दिल्ली कुर्क हो गया,हिमाचल पर्यटन निगम के होटलों को बंद करने का न्यायालय का आदेश और मुख्य संसदीय सचिवों की गैर संवैधानिक नियुक्तियों को कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है.
आजकल हिमाचल के चौराहों गली कोचों में एक ही चर्चा है कि हिमाचल के भाग्य में एक ग्रहण सा लग…
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देश के मुस्लिम कट्टरपंथी ,मुश्लिम धर्मगुरू,कठमुल्ले गरीब मुश्लिमों को मिल रही सरकारी सुविधाओं उनसे छींनने पर उतारू हैं,देश के हर गरीब को 5 किलो राशन मिल रहा है,मकान मिल रहा है,स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं,मुफ्त शिक्षा मिल रही हैं,किसान के खाते में सम्मान निधि जा रही है लेकिन कट्टर पंथी वोट जिहाद के लिये मोदी को गिराने के सपने ले रहे हैं,दुखद बाद यह है कि लाभ मोदी सरकार की योजनाओं का लेना है और मोदी को गिराना हैयह कौन सी सोच है?मुश्लिम को यह पता नहीं चल रहा है और विश्व में मोदी सरकार अपनी धाक जमा चुकी प्रतिष्ठा को गिराने के लिए कुछ देश विरोधी ताकतें सक्रिय हैं देश के बहुसंख्यक समाज को सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है.
महाराष्ट्र चुनाव में जातिवादी और धार्मिक समीकरण बनाकर मुश्लिम कट्टरपंथी और महाराष्ट्र की गैर भाजपाई पार्टियां किसी भी प्रकार सत्ता…
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सभी राजनैतिक पार्टियां अपनी शक्ति सकारात्मक कार्यों में लगायें तो पार्टियों को भी और समाज को भी इसका लाभ हो सकता है,प्रदेश में चिट्टा,ड्रग्स नशे का सामान प्रदेश के हर घर में पहुंच गया है भविष्य के लिए खतरनाक साबित होता जा रहा है लेकिन राजनीतिक पार्टियों के लिए यह मात्र विरोध का सामान बनकर रह गया है,हिमाचल में पुलिस विभाग का समौसा कांड एक राष्ट्रीय मुद्दा बनकर सामने आया है और मीडिया की सुर्खियों का समाचार समौसे ने बना दिया है लेकिन इस अनावश्यक मुद्दे से प्रदेश व समाज को क्या लाभ हुआ मात्र जगहंसाई, यदि इस स्तर पर नशा व चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के प्रचलन के खिलाफ्द आन्दोलन होते तो समाज और नयी पीढ़ी बर्बादी के कगार पर पपहुंने से बच जाती. लेकिन प्रदेश सरकार व विपक्षी पार्टियों के लिए यह केवल चर्चा करने के लिए काफी हो गया है. और जनता के लिए चटकारे मारने के लिए काफी हो गया है.
हिमाचल प्रदेश के पुलिस विभाग में मुख्य मंत्री की बैठक के लिए लाये गये समौसे ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी…
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