प्रदेश
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हिमाचल सरकार में क्या पक रहा है ,सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं ,आये दिन कुछ न कुछ नया देखने सुनने को मिल रहा है,कभी एक मत्री प्राइवेट हेलिकॉप्टर से जाकर उप मुख्य मत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिलकर आ रहा है,कभी कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा सिंह के खिलाफ नारे लग रहे हैं कभी कुछ मंत्रिमंडल विस्तार फेरबदल की खबरें आ रही हैं,ताजातरीन खबर उप मुख्य मत्री के फेसबुक से आ रही है,उनके खिलाफ षडयंत्र हो रहा है झूठ के पांव नहीं होगे।इन खबर को लेकर उप मुख्य मत्री खासे परेशान हैं,सूत्रों की खबर के अनुसार अभी हाल ही में मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली उत्सव मनाया बहुत सख्या जुटी और करोड़ों की धनराशि इकट्ठा की गई, यह सरकार में प्रभावशाली लोगों को राश नहीं आई और उन्होंने हाईकमान से अग्निहोत्री की शिकायत कर दी ,उससे मुकेश अग्निहोत्री खासे आहत हैं और उन्होंने फेसबुक पर अपना गुस्सा साफ जाहिर कर दिया है अब गुस्से की परणीति क्या होगी यह समय बतायेगा।
मुकेश अग्निहोत्री का दर्द क्या है,कभी निजी हेलीकॉप्टर से जाकर मनाने की कोशिश, कभी मुख्य मंत्री की कार्यप्रणाली से नाखुश,…
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न्याय पालिका और विधाई के बीच चल रहा विवाद समाप्त होना चाहिए, दोनों पक्षों को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए तभी स्वस्थ्य लोकतंत्र की कल्पना की जा सकती है,एक बात तो निश्चित है कि कोलिजिम सिस्टम से देश मे जजों के व्यवहार में बहुत बदलाव आया है और विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत तू बड़ा नहीं मैं बड़ा तक पहुंच गई है,किसी समय जजों को भगवान का रूप माना जाता है लेकिन अब जब जजों के घरों में नोटों की बोरियां देखी जा रही हैं कुछ अधजले नोट भी देखे जा रहे हैं और उस पर कोई FIR तक नहीं होती तो जनता का विश्वास टूटना लाजमी है,अब मांग उठ रही है कि कौलिजियम सिस्टम से नायाधीशों नियुक्ति नहीं होनी चाहिए इससे विधाई और न्यायपालिका में विवाद खड़े हो रहे हैं कौलिजियम के माध्यम से जो जज आ रहे हैं उन में से बहुत सारे पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं इसलिए जजों की नियुक्ति के लिए एक आयोग का गठन होना चाहिए जिससे जनता का विश्वास दुबारा न्यायालयों पर बन सके.
देश चल रहे विधाई और न्यायपालिका के बीच चल रहा विवाद समाप्त होना चाहिए, न्यायपालिका को राष्ट्रपति के पद की…
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नगर निगम शिमला अब अपने मूल रूप से हटकर शराब के ठेके खोलेगा और शराब बेचेगा,नगर-निगम ने एक प्रस्ताव पास कर अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तरकीब निकाली है,ऐसा लगता है कि किसी व्यक्ति ने धर्म कर्म छोड़कर बूचड़खाना खोलने की सोची है,शिमला शहर को साफ-सफाई, शुद्ध जल,पार्किंग, सड़कों का ठीक प्रबंधन रखरखाव, आवारा कुत्तों,बंदरों के आतंक से मुक्ति और चुस्त-दुरुस्त स्टाफ की जरूरत है लेकिन नगर-निगम इन सब चीजों से हटकर अब शराब बेचेगा,जगह ढारे खड़े करेगा शहर की सुन्दरता पर ग्रहण लगायेगा,कानून व्यवस्था खराब करने का आमंत्रण देगा,यह विकृत सोच किसकी है यह ठेके खुलने के बाद ही पता चलेगा.
नगर निगम शिमला की एक विकृत सोच सामने आई है,आय बढ़ाने के लिए पूरे शहर में शराब के ठेके खोलने…
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शिमला जलप्रबंधन निगम, जल वितरण का ठीक प्रबंधन करो,तीन दिन बाद पानी आ रहा है और वह भी रातभर जागरण करने के बाद नींद हराम करने के बाद पानी मिल रहा है,रात को पानी छोड़ने के कारण लोगों की नींद हराम हो रही है और पानी की बर्बादी बहुत अधिक हो रही है,कभी देर रात पानी की सप्लाई के कारण टंकियां ओवरफ्लो हो जाती हैं और पानी रातभर बहता रहता है,पानी की सप्लाई सुबह और शाम के समय हो न कि आधी रात को शिमला की जनता आपके जलवितरण से बहुत नाराज है..
शिमला जलप्रबंधन निगम के अव्यवस्थित जनवितरण के कारण लोगों की रात की नींद हराम हो रही है,कभी रात को 2…
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हिमाचल में विधायकों के वेतन बृद्धि पर समाज में उबाल, 68 में से 65 विधायक करोड़ पति हैं लेकिन जरूरत सबको है,किसी समय विधायक का वेतन 500रू था लेकिन तब भी लोगों को 500₹ अधिक लगता था,आज लगभग 3:50 लाख मिलेगा,जब 500 था तब अधिक था या आज वेतन भत्ते मिलाकर 3:50 हे तो ठीक कब था ,यह ठीक है कि किसी समय विधायक बसों में सफर करते थे,यहां तक कि तत्कालीन मुख्य मंत्री डाक्टर परमार भी बसों में सफर करते थे लेकिन आज के समय में मुख्य मंत्री,मत्री ,विधायकों का बस में सफर करना एक अजूबा ही लगता है,समय परिवर्तन सील है उसके साथ कई चीजें बदलती हैं 1948 में जब हिमाचल बना था तो वे परिस्थियां कुछ और थी आज हिमाचल को बने हुए 77 साल हो गए हैं तो हालत कुछ और हैं,उस समय प्रदेश को विकसित करने का संकल्प था लेकिन आज सरकार का लक्ष्य ॠण लेकर घी पीने बन गया है.
हिमाचल प्रदेश इस समय #गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है,एक नागरिक पर 1:50 लाख का कर्ज है,कर्ज की सीमा…
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हिमाचल विधान सभा का सत्र कई माइने में महत्वपूर्ण रहा है,इस बार पक्ष विपक्ष में उतनी तल्खी नहीं थी जितनी पिछले सत्रों में देखी गई थी,कारण साफ है कि कांग्रेस को इस बात का अहसास हो गया है कि भविष्य हमारा नहीं है,भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि जब भी चुनाव होंगे सत्ता हमारी है,बजट सत्र में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सरकार नशे के कारोबार में लगे लोग और नशे के सौदागर संगठित अपराध की सूचि में आयेंगे दोषियों को मृत्युदंड और आजीवन कारावास की सजा होगी,दूसरी महत्वपूर्ण बात यह रही कि वित्तीय संकट के दौर में विधायकों मंत्रियों अध्यक्ष विधान सभा उपाध्यक्ष विधान सभा के वेतन भत्तों में 26% की बृद्धि की गई है महंगाई के इस दौर में माननीयों ने वेतन भत्ते बढोतरी को सिर झुकाकर पास किया.इसके अलावा प्रदेश सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का जोरदार प्रदर्शन व जनता का समर्थन भाजपा के लिए अच्छी खबर लेकर आया है.
हिमाचल विधान सभा के बजट सत्र आज समापन हो गया.बजट सत्र हंगामेदार के साथ साथ पक्ष विपक्ष में सौहार्द का…
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सतलुज जलविद्युत निगम SJVN की अस्थाई व्यवस्था से कंपनी को बहुत नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है,सतलुज जलविद्युत निगम एक नामी कंपनी है और कंपनी ने विद्युत उत्पादन में कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं,गत 8_9 महिने से निगम में CMD का पद खाली पड़ा है,निदेशक वित्त का पद खाली पड़ा है,और दोनों पदों पर NHPC के प्रबंध निदेशक और निदेशक वित्त कोअतिरिक्त कार्यभार दिया गया है,अतिरिक्त कार्यभार के कारण नियमित कार्य निपटाने में कई कठिनाईयां आ रही हैं कंपनी का शेयर भी नीचे आ रहा है हालांकि बाजार भी ठंडा है इसलिए शेयर में फर्क पड़ा होगा लेकिन ओवरऑल देखा जाय तो सतलुज जलविद्युत निगम के कार्य प्रभावित अवश्य हो रहे हैं इसलिए निगम को स्थाई व्यवस्था की दरकार है.
हिमाचल व केंद्र सरकार की संयुक्त जलविद्युत कंपनी SJVNL इन दिनों अस्थाई व्यवस्था के दौर से गुजर रही है,कंपनी में…
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हिमाचल प्रदेश में गत तीन पुस्तों से वन भूमि के अवैध कब्जों को नियमित करने का हिमाचल सरकार का निर्णय, यह अभी घोषणा है यदि यह घोषणा पूरी हो गई तो किसान वागवानों के लिए बहुत बड़ी राहत होगी,सरकार ने सैद्धांतिक रूप से 50 वीघा तक के कब्जों को नियमित करने की बात की है,कई वागवानों ने 100 वीघा तक जमीन में कब्जे किए हुए हैं,जिस किसान ने 100 वीघा कब्जा किया है यदि 50 नियमित हुआ तो 50 वीघा वापस लेने में कठिनाई आयेगी,सरकार को चाहिए कि 50 वीघा तक अवैध भूमि को नियमित करे और बाकी अवैध कब्जों को गरीब लोगों को अलाट कर दे इससे गरीब किसानों को लाभ पहुंचेगा.
हिमाचल के मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल किसान सभा की एक सभा में हिमाचल वन क्षेत्र में 50…
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HPPCL ,के इन्जीनियर विमल नेगी को ईमानदारी के बदले मिली मौत, परिजनों ने किया खुलासा आखिर नेगी कयों थे परेशान? परिजनों ने पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों प्रबंध निदेशक और डाइरेक्टर इल्टिकल पर नेगी को परेशान करने का आरोप लगाया है,सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई है जो शायद प्रयाप्त नहीं है,यद्यपि अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को ईमानदार अधिकारी माना जाता है लेकिन यहां भी दबाव की राजनीति काम करेगी,CBI जांच कराना आवश्यक है क्योंकि मामला काफी संदिग्ध है इतने बड़े दायित्व वाले अधिकारी ने आखिर कयों की आत्महत्या?
हिमाचल पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत से उठेगा पर्दा.परिजनों की चित्कर सुनेगा सरकार?विमल नेगी एक ईमानदार…
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हिमाचल गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहा है,सरकार की कुल आय 16 हजार करोड़ है और खर्चा 27 हजार करोड़ तक पहुंच गया है,गत दो वर्षों में सरकार ने 28 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी है ,इस प्रकार सरकार के कुल खर्च के बराबर कर्ज ले लिया है,इस प्रकार हिमाचल सरकार 20 पैसे पैदा करने के लिये 1:30पै खर्च कर रही है.हालात आर्थिक दिवालियापन से भी बदतर हैं लेकिन आर्थिक दिवालियापन घोषित नहीं कर सकते कयोंकि ऐसा करने से सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है..
गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हिमाचल प्रदेश का बजट 17 मार्ग को विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा,हालात आमदनी…
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