CPS के मामले में हिमाचल सरकार का सर्वोच्च न्यायालय जाना मामले को लोकसभा चुनाव तक जैसे तैसे खींचकर ले जाने का प्रयास है,यह सुझाव कांग्रेस के हाईकमान की ओर से आया है हालांकि कांग्रेस के हाईकमान को भी पता है कि सी पी एस की नियुक्ति का क्या हश्र होने वाला है लेकिन मजबूरी है,हिमाचल हाईकोर्ट के निर्णय को भी चैलेंज किया जायेगा जिसमें भारतीय जनता पार्टी के विधायक सतपाल सिंह सत्ती एवं अन्य की याचिका को कांग्रेस ने अल्पदोषपूर्ण बताकर खारिज करने की मांग की गई थी लेकिन न्यायालय ने याचिका को सही ठहराया है..
हिमाचल में सुक्खू सरकार द्वारा 8 मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर और उन्हें बचाये रखने को लेकर कांग्रेस सरकार की दांव पेच की रणनीति लगातार जारी है.मजबूरी यह है कि कांग्रेस ने सरकार बनते ही कुछ लोगों को एडजस्ट करने के लिए उन्हें कोठी कार नौकर चक्कर देकर खुश करने का प्रयास किया है.CPS की नियुक्ति को कई बार न्यायालय ने असंवैधानिक घोषित कर दिया है लेकिन हमारी न्याय व्यवस्था इतनी लचीली है कि किसी ओर घूम जाती है.अब देखना यह होगा कि सर्वोच्च न्यायालय CPS के नियुक्ति को अपने दिये गए निर्णय को कब तक लटकाए रखेगा.
गणेश दत्त.
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