दिल्ली शराब घोटाला ,जांच ऐजैन्सियों की जांच पर आंच,तात्कालिक लाभ केजरीवाल एन्ड कंपनी को अवश्य मिला है ,आगे कया होगा यह भविष्य के गर्भ में छुपा है लेकिन केजरीवाल की सुप्त राजनीति एकाएक गर्म हो गयी है,बिलों में घुसे हुए सभी आप पार्टी के नेता बाहर निकले,सरकार की जाँच ऐजैन्सियों की जल्दबाजी केन्द्र सरकार पर भारी पड़ी,केजरीवाल का न्यायालय मैनेजमेंट रंग लाया जब उसने देश के सभी नामी वकीलों की फौज को अपने बचाव के लिए मैदान में उतारा था।अब सबकी निगाहें दिल्ली उच्च न्यायालय पर टिकी हैं ,क्या निचली कोर्ट का निर्णय टिकेगा या धराशाई होगा?
एक समय देश की राजनीति में तहलका मचाने वाला दिल्ली का शराब कांड फिर सुर्खियों में आ गया है,दिल्ली शराब नीति में स्वार्थ को लेकर बनाई गई नीति ,भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई थी,पूरब से दक्षिण तक इस घोटाले की गूंज घर घर पहुंच गई थी,शराब कांड में अरबों रूपये की हेराफेरी और राजस्व को होने वाले नुकसान के द्रटिगत दिल्ली शराब नीति को लेकर तत्कालीन मुख्य मंत्री केजरीवाल उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित आप पार्टी के सभी बड़े नेताओं की संलिप्तता इस कांड में पाई गई थी और केंद्र सरकार ने मामला CBI को शौप दिया था और जांच ऐजैन्सी CBI’ED ने जांच में केजरीवाल सहित 20_22 लोगों के संलिप्त होने का आरोप लगाया था और केजरीवाल मनीष सिसोदिया दक्षिण की नेत्री कविता को जेल की हवा खानी पड़ी थी।
अब दिल्ली की निचली अदालत ने केजरीवाल सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है,न्यायालय के निर्णय के तुरंत बाद CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील कर दी है,उसका कहना है कि न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ कुछ अहम दस्तावेजों को नजर अंदाज किया है इसलिए सभी आरोपी छूट गए हैं,जांच ऐजेन्सी का मत है कि वह इस कांड के खिलाफ सभी दस्तावेज कोर्ट के सामने लायेगी और आरोपी बच नहीं पायेंगे।
दिल्ली न्यायालय के निर्णय के बाद आप पार्टी में एकाएक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और केजरीवाल ने अपने को कट्टर ईमानदार, और प्रधान मंत्री और गृह मंत्री उनके खिलाफ साजिश का आरोप लगाकर केंद्र सरकार को जमकर कोसा है अब दिल्ली हाईकोर्ट में इस केस में क्या निर्णय आता है वह निर्णायक होगा।
गणेश दत्त।
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