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मोदी मैजिक, नड्डा संगठन कौशल,अमित शाह की चाणक्य नीति और योगी जी का गुडगवर्नैंस ,उत्तर प्रदेश के जीत का मुख्य कारण रहे,हिमाचल में जयराम ठाकुर का काम आसान, अब मिशन रिपीट हर हालत में होकर रहेगा,4 प्रदेशों के परिणाम सुशासन व सामाजिक कल्याण के मुद्दे जीत का कारण रहे,पंजाब में लोग कांग्रेस अकालियों व पुराने “स्टैम्सों ” से नाखुश थे,बदलाव के लिय “आप” थोड़ी अवधि के लिए लोगों की पसंद उभरी, लेकिन यह स्थाई विकल्प नहीं है।

अभी संपन्न हुये 4 प्रदेशों के चुनाव सुशासन को समर्पित रहे हैं,उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा मणिपुर सभी स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकारें रही हैं सभी स्थानों में सरकारें रिपीट हुई हैं।इसका सीधा अर्थ है कि लोगों ने सुशासन के लिए वोट किया है।

उत्तर प्रदेश में 36 सालों बाद एक इतिहास बना है कि कोई सरकार 5 साल तक चली और दुबारा सत्ता में आई यह किसी करिश्में से कम नहीं है।उत्तराखंड में भी बड़े अंतराल के बाद सरकार रिपीट हुई है ,यह भी भारतीय जनता पार्टी सरकारों का जनता के साथ सद्भाव व लगाव  का ही परिणाम है।

पंजाब में लम्बे समय तक अकाली दल व कांग्रेस सत्ता में रहे हैं लोग उनकी नीतियों से उब गये थे परिणाम स्वरूप लोगों को विकल्प की तलाश थी ,भारतीय जनता पार्टी का पंजाब में कोई असर दार प्रभाव नहीं था वह अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती थी,लम्बे समय तक भाजपा अकालियों का गठबंधन रहा है लेकिन भाजपा को केवल 20 सीटों पर चुनाव लड़ने पड़ता था,इसलिए पार्टी का आधार सीमित सीटों तक ही रहा है।

कृषि कानून के आने के बाद अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़कर मोदी सरकार के विरुद्ध आन्दोलन में शामिल होकर सरकार की खिलाफत करनी शुरू कर दी फलस्वरूप एक गलत संदेश जाना शुरू हो गया कि भाजपा के साथी साथ छोड़ रहे हैं

अकाली दल ने स्वयं अपने पांव में कुल्हाड़ी मारी और आज जो अकालियों की दुर्दशा हुई वह किसी सदमें से कम नहीं है,जो किसान आंदोलन खडा हुआ था वह भी समाप्त हो गया और अकाली दल सहित सभी छोटे मोटे संगठन भी समाप्त हो गए।

चार प्रदेशों के चुनाव परिणामों का असर हिमाचल विधान के नवंबर में होने वाले चुनावों पर देखने को मिलेगा जब हिमाचल की जयराम ठाकुर की सरकार भी रिपीट करेगी,केन्द्र की नीतियों को घर घर पहुंचाने की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं पर रहेगी हिमाचल में जन कल्याण व सामाजिक सुरक्षा का माडल प्रदेश माना जाता है इसलिए सरकार रिपीट करना कोई कठिन कार्य नहीं है।

इन चुनावों में जहां भारतीय जनता पार्टी को 2024 में पुन: सत्ता आने का रास्ता साफ हुआ वहीं विपक्ष की नकारत्मक सोच व दुष्प्रचार भी धराशाई हो गयी है।

प्रधान मंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी का कद और ऊंचा हो गया,नड्डा जी के अध्यक्ष के तौर पर एक कुशल नेतृत्व क्षमता का भी दर्शन हुआ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी की चाणक्य नीति का भी राज्याभिषेक हो गया।योगी आदित्यनाथ नाथ जी की सुशासन राज्य की पहचान बुल्डोजर व्यवस्था के रूप में देखी गई है।जिसमें गुड्डा बदमाश माफिया का अंत होना निश्चित हुआ है।

गणेश दत्त।

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