“जनलोकपाल” के आन्दोलन से निकला भ्रष्ट सिरोमणि ,अन्ना हजारे जी यह क्या हो गया,आपने अलख जगाई थी भ्रष्टाचार मिटाने की जन-लोकपाल लाने की लेकिन भ्रष्टाचार का सरगना निकला केजरीवाल व उसकी पूरी सरकार जो कानून को नहीं मानते न्यायालय को नहीं मानते देश की स्थापित व्यवस्था को नहीं मानते ,और हर जगह झूठ फैलाकर आम जनता को भ्रमित करना और झूठ को बड़ी ईमानदारी से परोसना इनकी फितरत है.
देश के गांधीवादी सामाजिक सरोकार से अपने को जोड़कर समाज सुधार की इच्छा रखने वाले अन्ना हजारे जी ने एक बड़ा आन्दोलन खड़ा किया था,जिसमें सभी देश वासियों ने सहयोग किया था,लेकिन उस आन्दोलन से निकला एक भ्रष्ट व गिरगिट जिसने भारत की राजनीति को भ्रष्टाचार के दलदल में धंसा दिया और एक ऐसी सरकार को जन्म दिया जो भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गयी और कट्टर ईमानदार सरकार का नान कट्टर भ्रष्टाचारी सरकार में बदल दिया.
देश की सबसे बड़ी जांच ऐजैन्सी ई डी के 9 सपनों को नजरअंदाज कर दिया ,और हर बार सपनों को असंवैधानिक बताकर टालता रहा लेकिन 10 समन ने केजरीवाल को दसनंबरी घोषित कर ही दिया.अब जेल की रोटियां तोड़ने के अलावा और कोई चारा नहीं है.
यह गिरगिट जेल में भी कई ड्रामा करता रहेगा.
देश के कई अन्य दलों के नेता जो भ्रष्टाचार में फंसे हुए हैं वे सभी केजरीवाल के पक्ष में अपने बयान दे रहे हैं लेकिन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कोई रियायत बरतने वाली नहीं है.
गणेश दत्त.
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