लगातार पिटती कांग्रेस-नेतृत्व पर सवाल, क्या कांग्रेस में बड़ा विभाजन होने जा रहा है,प्रदेशों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हाहाकार मची हुई है,महागठब॔धन में अब कांग्रेस का प्रभाव लगभग शून्य की ओर बढ़ रहा है,कांग्रेस में बरिष्ठ नेता हासिये में हैं केवल दरबारियों को अधिमान मिलने से कांग्रेस के मूल विचारक अब विस्फोट करने के मूड में हैं विभाजन जल्द होने की संभावना व्यक्त की जा रही हैं। भीतर खाने कांग्रेस की तीनमूर्ति से लोग अब उब चुके हैः।
हार के चपड़ों से घायल कांग्रेस में अब विभाजन की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है,अधिकतर पुराने कांग्रेसी जो राहुल गांधी में देश का भविष्य देखते थे वे अब इस बात पर बड़े चिंतित हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रही लगातार हार कांग्रेस के पतन का कारण बनती जा रही है ,उनका मत है कि या तो राहुल का नेतृत्व बदला जाय और किसी योग्य व्यक्ति को पार्टी की बागडोर शौंपी जाय या निष्ठावान कांग्रेसी अपना रास्ता अलग अलग तय करें।लेकिन एक समस्या है कि गांधी परिवार से बाहर निकलकर, कौन सा नेता है जो पार्टी को भी स॔भाल सके और अच्छा नेतृत्व भी कर सके।बिहार चुनाव के बाद अब 4 प्रदेशों के चुनाव सोने बाकी हैं तमिलनाडू को छोड़कर किसी प्रदेश में कांग्रेस को आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं हैं इसलिए आगामी पश्चिमी बंगाल, तमिलनाडु, असम और गोवा चुनाव से पहले कांग्रेस में मरहम पट्टी करने की जुगत में कुछ नेता जुट गए हैः संभावित है कि शीघ्र ही कांग्रेस में कुछ नया देखने को मिले और विभाजन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
गणेश दत्त।
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