Breking news –हिमाचल के मंत्रियों के विभाग,वित्तीय संकट पर हर्ष बर्धन चौहान की पहली प्रतिक्रिया चिंताजनक,वेतन के लाले पड़ेंगे, आमदनी चवन्नी खर्चा रुपया,वित्तीय संकट पर भाजपा कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं लेकिन वास्तविक स्थिति से आंख बंद करते रहे, कांग्रेस की चुनावी घोषणायें गगन चुम्भी पर सरकार के हाथ खाली,मंत्रियों के विभाग योग्यता अनुसार शान्डिल जी पर भार ज्यादा,जगत सिंह नेगी को बागवानी ,पहले यह विभाग महेंद्र सिंह ठाकुर के पास था;दोनों का स्वभाव एक सा,रोहित ठाकुर को शिक्षा का भार,बिक्रमादित्य सिंह को महत्व पूर्ण विभाग।
हिमाचल प्रदेश में मंत्रीमंडल के विस्तार के बाद विभागों का आबंटन उनकी योग्यता अनुभव के अनुसार हुआ है।नये मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं।मुकेश अग्निहोत्री को जलशक्ति के साथ परिवहन विभाग मिला है।बिक्रमादित्य सिंह को लोकनिर्माण विभाग,धनीराम शान्डिल को स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य भारी-भरकम विभाग दिये गये हैं संभवतया अगले विस्तार के समय उनसे कुछ विभाग वापस लिये जा सकते हैं इसी प्रकार अन्य मंत्रीमंडल के सदस्यों का भार भी बाद में कम किया जयेगा।
शिलाई से छटीबार जीतकर आये हर्षवर्धन चौहान को महत्वपूर्ण उद्योग विभाग दिया गया है।जगत सिंह नेगी को भी राजस्व के साथ बागवानी जनजातीय विकास की जिम्मेदारी दी गयी है।
मंत्रीपद संभालने के बाद हर्षवर्धन चौहान ने सीधी सटीक टिप्पणी की है जिस में हिमाचल की वित्तीय संकट के बारे में कहा है कि आने वाले समय में वेतन देने के भी लाले पड़ सकते हैं यह बात सच्ची है,हालांकि दोनों पार्टियां भाजपा व कांग्रेस पर वित्तीय संकट खड़ा करने का आरोप लगाते हैं लेकिन सच्चाई कोई बताता नहीं है। वास्तव में हिमाचल का अधिकांश बजट वेतन पैंशन व पुरानी देनदारी ब्याज में चली जाती है केवल 25% बजट ही विकास के लिए बचता है और जनआकांशायें सरकार से बहुत अधिक रहती हैं जब वह पूरी नहीं होती तो जनाक्रोश पनपता है और गुस्सा सरकार पर निकलता है।हिमाचल की वित्तीय स्थिति बहुत ही चिंताजनक है।सरकार को अनावश्यक खर्च घटाकर बचत करनी चाहिए अन्यथा आमदनी चवन्नी खर्चा रुपया वाली स्थिति बन जायेगी।
गणेश दत्त।
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