बजट बनाने और उसमें नया लेबल नया डिजाइन नया नाम देने का काम सरकार के ब्यूरोकेटस करते हैं,नाम सरकार का होता है मुख्य मंत्री का होता है,मुख्य मंत्री तो अपनी मनसा बता देते हैं कि हमें यह योजना लानी है,ब्यूरोकेटस चटपट नया कापी पेस्ट कर ऊपर नीचे कर थोड़ा भाषा बदल कर ब़ास के सामने रख देते हैं,देश का शायद कोई मुख्य मंत्री ऐसा होगा जो बजट की गंभीरता व आंकड़ों का ज्ञान रखता हो,उदाहरण के तौर पर मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर ओल्ड पैंशन बहाल करने के मामले में बहुत गंभीर थे,लेकिन ब्यूरोकेटस ने ना कर दी, वे ही ब्यूरोकेटस नया लेबल लगा कर “ओल्ड पैंशन” योजना को लेकर आ गए,ये अंजाम क्या होगा यह समय बतायेगा।
हिमाचल के बजट में 13 योजनायें मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की हैं बाकी सारा बजट ब्यूरोकेटस का है ,जो नयी सरकार के सामने नये लेबल-नाम- डिजाइन बनाकर सामने लाते हैं। यह परम्परा लगातार चली आ रही है।कोई नई बात नहीं है।
गणेश दत्त। 
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