हिमाचल में धर्मांतरण का खुला खेला,सरकार की ऐजैन्सियों को पता नहीं है? या सरकार प्रायोजित कार्यक्रम चल रहा है,सूत्रों के अनुसार दूर दराज के क्षेत्र ही नहीं शिमला के आस-पास भी धर्मांतरण का कुचक्र बड़ी तेजी से चल रहा है,हिमाचल में धर्मांतरण कानून बना है लेकिन वह कागजों में ही सीमित है,इस समय शिमला के ढली ,मलियाणा भट्टाकुफर ,रामपुर, रोहडू चौपाल नेरवा कुपवी ,किन्नौर धर्मांतरण से सबसे प्रभावित क्षेत्र हैं,कई परिवार धर्मांतरण के कारण टूट गये हैं कई टूटने के कगार पर हैं,सरकार सोनियां गांधी की नाराजगी के डर से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
हिमाचल प्रदेश इन दिनों कई प्रकार की आपदाओं से जूझ रहा है,एक ओर बादल फटने से हुई तबाही,दूसरी ओर चिट्टा से हो रही मौतें और, व्यापक तौर पर हो रहे धर्मांतरण से प्रदेश बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
धर्मांतरण कई घटनायें विचलित करने वाली हैं,राजधानी शिमला के साथ लगते इलाकों ढली,स॔जौली भट्टाकुफर, मलियाना और साथ लगते क्षेत्रों में मुश्लिम और इशाई मिशनरी बहुत सक्रिय हैं और प्रार्थना के नाम पर धर्मांतरण करवा रहे हैं,शिमला जिला के रोहडू रामपुर चौपाल कुंवर और किन्नौर जिला के दूरस्थ क्षेत्रों में धड़ाधड़ धर्मांतरण हो रहा है,मिशनरी लोभ लालच और पैसे के बल पर अपना उद्देश्य पूरा कर रहे हैं हिमाचल में धर्मांतरण कानून लागू है,जोर जबरदस्ती लोभ लालच देकर धर्मांतरण करवाना दंडनीय अपराध है लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है,लोग आज स्व: बीरभद्र सिंह जी को याद कर रहे हैं,परिवार टूट रहे हैं ब॔ट रहे हैं लेकिन किसी को कोई चिंता नहीं है।
गणेश दत्त।
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