राजनीति
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लोकसभा के चुनाव दिसंबर में होंगे,INDIS गठबंधन की मुम्बई में होने वाली बैठक से पूर्व ममता बैनर्जी की सुरसुरी में कितना दम है,वर्तमान लोकसभा के चुनाव मई 2024 में होने निश्चित हैं लेकिन चुनाव आयोग सरकार की सहमति हो तो 6 महिने पहले चुनाव करवा सकता है लेकिन वर्तमान सरकार समय से पहले चुनाव कयों करवाना चाहती है उसके पीछे का तर्क यह हो सकता है कि अभी मोदी सरकार के पक्ष में माहौल है और विपक्ष में बिखराव है जब तक विपक्ष इकट्ठा हो तब तक चुनाव संपन्न हो जांय यह सोच हो सकती है लेकिन यह अभी तक कयास तक सीमित है।
इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टी की नेत्री ममता बैनर्जी ने एक सुसुरी छोड़कर चर्चा सुरू कर दी है कि लोकसभा…
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आपदा में प्रतिस्पर्धा एक अच्छी गुणात्मक राजनीति,मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्य मंत्री हर छोटी बड़ी दुर्घटना पर लोगों से मिलते दुख दर्द बांटते और ढाढस बंधाते नजर आ रहे हैं यह अच्छी राजनीतिक पहल है,पूर्व मुख्य मंत्री सड़क मार्ग से तो सुखविंदर सिंह सुक्खू वायुमार्ग से घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं,कई स्थानों पर दोनों एक साथ भी जाकर लोगों को मिल रहे हैं;जब पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आपदा स्थल का निरीक्षण करने आये तो मुख्य मंत्री व पूर्व मुख्य मंत्री साथ साथ रहे;लोक सभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं स्वभाविक है राजनैतिक दलों को अपनी जमीन पकड़ कर रखनी पड़ती है।
हिमाचल प्रदेश में आपदा में लोगों के दुख दर्द में प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर व वर्तमान मुख्य…
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मंत्री न बनने पर हिमाचल में बहुत से विधायकों का रोष बढ़ता जा रहा है,मॉनसून सत्र के आते आते सुक्खू सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं,एक ओर बाढ़ वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई करना,दूसरी ओर मुख्य संसदीय सचिवों की नियुकि पर अगस्त में होने वाली सुनवाई व आने वाले निर्णय और अपने साथी विधायकों की बढ़ती नाराजगी सुक्खू सरकार की नींद उड़ा रही है हाल ही में दो विधायकों सुधीर शर्मा और राजेन्द्र राणा की मीडिया में आयी महाभारत वाली टिप्पणी यह बता रही है कि आने वाला समय आसान नहीं होगा ,मंत्रिमंडल में 3 खाली पदों को भरने में देरी से लगातार रोष बढ़ता जा रहा है मंत्रिमण्डल में स्थान पाने वालों का भी सब्र टूटता जा रहा है ।
सितंबर में होने वाले विधान सत्र से पहले कांग्रेस के कुछ विधायकों ने सरकार को आंखें दिखानी शुरू कर दी…
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लोकसभा व राज्य सभा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव,विपक्ष पर ही चोट करेगा ,प्रधान मंत्री जब जवाब देंगे तो कइयों को पसीना आ जायेगा। दिल्ली सेवा बिल पर विपक्ष ने अपनी ताकत देख ली होगी,लोक सभा में आज भारतीय जनता पार्टी की ओर से सांसद निशिकांत दुबे ने चर्चा में सरकार का पक्ष रखा,जबकि कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई ने चर्चा प्रारंभ की;हालांकि चर्चाकारों में राहुल गांधी का नाम था लेकिन वह नहीं पहुँचे इस पर भी सत्तारूढ पार्टी के लोगों ने चुटकियां ली।प्रधान मंत्री का सीधा संदेश आखिरी बाल पर छक्का लगाने का समय- सभी सदस्य खुलकर चर्चा में भाग लें।
भारत की संसद इन दिनों विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर गर्मागर्म चर्चा में है। हो…
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No confidence for whom—पता चला है कि नया अपवित्र गठबंधन इंडिया मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है?पर किस के लिए ? अपने INDIA की परीक्षा के लिए या इंडिया को पहली परीक्षा में हराने के लिए? या मोदी सरकार के साथ विश्वास के साथ चल रहे साथियों की परीक्षा लेने के लिए,यह तय है कि नया अपवित्र गठबंधन INDIA हारेगा और एन डी ए गठबंधन जीतेगा लेकर INDIA के हारते ही विदेशी खुश होंगे और स्वदेशी निराश होंगे।
नया अपवित्र गठबंधन इंडिया मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।पर एक बात निश्चित है…
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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार C P S के नियुक्ति के मामलों पर हिमाचल हाईकोर्ट में चल रहे मामलों के निस्तारण के बाद ही संभव, अभी हिमाचल हाईकोर्ट के निर्णय तक मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना कम नजर आ रही है,कांग्रेस पार्टी का हाईकमान “वेट एन्ड वाच” की नीति पर चल रहा है,मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट भी ज्यादा लम्बा नहीं खींच सकता कयोंकि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले भी ऐसे मामलों को लेकर फ़ैसला सुनाया है कि इस प्रकार की नियुक्ततियां असंवैधानिक हैं और आफ़िस आफ परोफिट के दायरे में आती हैं यह ठीक है कि मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समय समय पर मंत्रिमंडल विस्तार की बात कहकर विधायकों को ढाढस बांधवा कर उनकी आस जिंदा रखते हैं।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बने लगभग 7 माह का समय बीत चुका है।मंत्रिमंडल में शामिल न हो…
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भाजपा का “सम्पर्क से समर्थन ” एक माह तक चले महा जन सम्पर्क अभियान का आज समापन हो जायेगा,हिमाचल में भी सघन सम्पर्क अभियान सभी स्तरों सभी मण्डलों में मनाया गया,नये पुराने कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी ने बड़ी बड़ी रैलियां जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ,पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह,अनुराग सिंह ठाकुर,पूर्व मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर,प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर राजीव बिंदल,पार्टी प्रभारी अविनाश खन्ना-सह प्रभारी संजय टण्डन,संगठन महासचिव सिद्धार्थन जी सहित सभी बड़े नेताओं का महासम्पपर्क अभियान में आना हुआ,मोर्चों का संयुक्त सम्मेलन,टिफन बैठक,पुराने कार्कर्ताओं का सम्मान सहि कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, 2024 के महासंग्राम के लिये सिद्धि योजना अभी आनी बाकी है ।स्वभाविक है प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी 2024 के रण को जीतने के लिए “समान नागरिक संहिता”जैसा बड़ा ऐलान कर सकते हैं जिसके लिए भूमिका तैयार हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी का एक माह तक चला महा जन सम्पर्क अभियान,सम्पर्क से समर्थन कार्यक्रम का आज समापन हो जायेगा।और…
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विपक्ष की सांझा बैठक शिमला में करना क्या महत्व रखता है, क्या आमआदमी पार्टी को किनारे लगाने के लिए हिमाचल चुना गया?कांग्रेस व अन्य दलों के पास कोई और ठौर ठिकाना भी नहीं है जहां सांझा बैठक हो सके। शिमला का मतलव है कांग्रेसी राज्य से कांग्रेस के लिए नेतृत्व तलासना व अपना दबदबा रखना ,नितीश कुमार केवल मोहरा रहेंगे ,बैठक मल्लिकार्जुन खड़गे के कहने से शिमला में रखी गई है अन्य पार्टियों के पास चर्चा के लिए ठौर ठिकाना नहीं है,केजरीवाल को किनारे लगाने के लिये भी कांग्रेस शासित राज्य को चुना जाना एक कारण हो सकता है।
विपक्ष की सांझा बैठक शिमला में रखना कितना महत्वपूर्ण है।पहले राउंड में आमआदमी पार्टी से पीछा छुड़ाना भी कारण हो…
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Breking news—–14 विपक्षी दलों की बैठक पटना में शुरू ,बैठक का ऐजैन्डा मोदी का भय, भ्रष्टाचार के मामले लगभग सभी दलों के नेताओं पर लगे हैं सभी को लगता है कि यदि मोदी फिर आ गये तो सभी को जेल जाना पड़ सकता है इसलिए गिले सिकवे भुलाकर एक हो जाओ,राहुल गांधी ने तो साफ कर दिया कि यदि सभी मिलकर लड़ेंगे तो ही मोदी को हरा पायेंगे,आप पार्टी ने अपने खिलाफ लाये गये अध्यादेश को भाजपा कांग्रेस की मिलीभगत कह कर बैठक में दाल में कुड़कू वाली भूमिका को चरितार्थ कर ही दिया है कहा कि हमारा ऐजैन्डा बैठक का ऐजैन्डा बने। बैठक में विपक्ष का नेता कौन होगा यह अभी तय नहीं केवल भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने पर जोर ,मंथन से कया निकलेगा वही पुराना राग या कुछ और?
बिहार के पटना में 14 विपक्षी पार्टियों की संयुक्त बैठक शुरु हो चुकी है।लगभग सभी दलों का एक ही राग…
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कल हेने वाली विपक्षी दलों की बैठक में क्या क्या होगा ? अभी से विरोधाभास चरम पर ,बैठक में ढाक के तीनपात या चौथा भी कुछ निकलेगा? गिरगिट ने तो पहले ही शर्त रख दी है पहला विषय दिल्ली सरकार के खिलाफ लाये गये अध्यादेश पर सबसे पहले चर्चा हो,दूसरा विषय आयेगा जिन दलों के साथ भाजपा का गठबंधन है या रहा है उनसे कोई गठबंधन नहीं होगा, गठबंधन वाले दल अपने किसी की भी बलि देने के लिए तैयार रहें ,भाजपा के खिलाफ हमारा गठबंधन है तो सिद्धांतों की भी हत्या होगी,प्रधान मंत्री कौन होगा उसकी चर्चा नही॔ होगी ,प्रधान मंत्री की चर्चा बहुमत मिलने के बाद होगी लेकिन कांग्रेस की पहली शर्त प्रधान मंत्री का उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी से होगा,कल की बैठक से पहले अपने अपने ऐजैन्डे तैयार करने में जुटे सभी दल–दलदल।
विपक्षी दलों की संयुक्त बैठक कल होने जा रही है।बैठक का एक ही ऐजैन्डा भाजपा को जैसे तैसे हराना ही…
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