प्रदेश
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आज स्वः ठाकुर जगदेव चन्द जी याद आये,बोला करते थे कांग्रेसी हर मौसम में मौज करते हैं,प्रदेश में सूखा पड़े तो बियर पीते हैं ,बढ़ आपदा में बियर पीते हैं और ड्राइफरूट खाते हैं ,का यह त॔ज आज प्रदेश में बाढ़ भूस्खलन से तबाही मची है और सरकार चैयरमैन वाइस चेयरमैनों के वेतन भत्ते बढ़ाकर उनकी मौज कर रही है कोई लज्जा नहीं कोई शर्म नहीं।
हिमाचल बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के लोग सरकार की ओर एक टक देख रहे हैं…
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“विनाश काले विपरीत बुद्धि” ,महाराष्ट्र में ठाकरे भाइयों की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है,एक दूसरे के खून के प्यासे उद्भव ठाकरे और राज ठाकरे हिन्दी विरोध के नाम से आज इकट्ठा हो रहे हैं,कैसी बिड्म्बना है मातृभाषा का विरोध करने के लिए लम्बे समय से बिछुड़े हुए हिंन्दी का विरोध करने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं,महाराष्ट्र की सत्तारूढ सरकार क्या कर रही है,हिंदी बोलने वालों की सरेआम पिटाई हो रही है,सरकार तमाशा देख रही है ,हिन्दीभाषी लोग डर के मारे मुंह नहीं खोल रहे हैं,जो लोग मराठी नहीं बोल सकते उन्हें कयों मारा पीटा जा रहा है? सरकार के पास है कोई उत्तर नहीं?
आजकल महाराष्ट्र में हिन्दी भाषा को लेकर खासा उन्माद पैदा हो रहा है,ठाकरे भाई हिन्दी विरोध के नाम पर आज…
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हिमाचल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए नियुक्त प्रवेक्षक केंद्रीय मत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि विकसित भारत की परिकल्पना में पहाड़ी राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी,अपने संबोधन में डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-काश्मीर और अरुणाचल प्रदेश विकसित भारत के सूत्रधार बनेंगे और इनराज्यों को सबसे ज्यादा अधिमान मिलेगा,जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इन राज्यों में बागवानी,कृषि और फ्लोरीकल्चर में आय के साधन बढ़ाने की अत्यधिक क्षमता है और इनका पूर्ण रूप से दोहन करना चाहिए।
हिमाचल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रवेक्षक प्रधान म॔त्री कार्यालय में मत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने…
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हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव निर्विवाद संपन्न हो गया इसके साथ ही राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चुनाव भी सभी क्षेत्र समुदाय जाति विशेष को ध्यान में रखकर उनका चयन किया गया है,पार्टी अध्यक्ष के चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष के बारे में कई अटकलें लगाई गई थी लेकिन वर्तमान अध्यक्ष डाक्टर राजीव बिंदल सभी अटकलों को पार कर तीसरी बार अध्यक्ष चुने गये हैं,राष्ट्रीय परिषद के सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिये वोटर होते हैं वे सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के दिन मौजूद रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का चुनाव निर्विवाद संपन्न हो गया।अध्यक्ष के नाम का केवल एक प्रस्ताव आया वह वर्तमान…
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वागवानों के बगीचों से सीधे व्यापारियों के सेब खरीद पर सरकार को आपत्ति कयों है?,सरकार ने उसका कोई ठोस कारण नहीं बताया है ,आजकल यह विषय काफी विवादों मे है और सोशल मिडिया में काफी चर्चा में,सरकार की आपत्ति का कारण मार्केट फीस का नहीं आना हो सकता है अन्यथा सीधे बागवानों के बगीचों से सेब खरीद कर कोई आपत्ति का कारण नहीं हो सकता,बगीजे से ही सेब खरीद से बागवानों कई मुश्किलें समाप्त हो जायेंगी जिस में मार्केट तक पहुंचाना ,ट्रांसपोर्टेशन, कुलियेज आदि से मुक्ति मिल सकती है।
सेब सीजन से पहले सरकार ने सेब बागवानों को सीधे सेब बेचने पर आपत्ति जताई है और बागवानों के चेताया…
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व्यवस्था परिवर्तन वास्तव में हुआ है , या व्यवस्था का कांग्रेसी अधिग्रहण?हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन एक नारा था जो साकार हो गया,सभी राष्ट्रीय पर्व मेले ,फेस्टिवल अब सरकारी न होकर पार्टी के प्रोग्राम बनकर रह गये हैं,व्यवस्था यह थी कि किसी राष्ट्रीय पर्व पर ,हिमाचल दिवस पर, अंतर्राष्ट्रीय मेले उत्सवों पर सरकार विपक्ष को ,मान्यताप्राप्त प्रैस को कार्ड्स निमंत्रण पत्र भेजकर आमंत्रित करती थी लेकिन अब सब कुछ ब॔द है,अब तो हमारी सरकार की जगह कांग्रेस सरकार कहना ही उचित होगा कयोंकि किसी भी आयोजन में विपक्ष का नाम ही गायब हो गया है इसलिए व्यवस्धा परिवर्तन निश्चय ही हुआ है।
हिमाचल में सुक्खू सरकार के सत्ता में आते ही व्यवस्था परिवर्तन का स्लोगन प्रचारित किया था,हमें भी खुसी हुई थी…
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हिमाचल प्रदेश में अराजक और अस्थिरता का माहौल है,प्रदेश की विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी भी चाहती है कि यह सरकार अपने मिसडीड और अंतर्कलह और अराजक व्ययवस्था के कारण अपने भार से खुद गिरे,और भारतीय जनता पार्टी पर सरकार गिराने का दोष न लगे इसलिए प्रदेश की भाजपा भी राज्य पाल महोदय को ज्ञापन शौपने तक ही अपने को सीमित रख रही है,जिस प्रकार से पुलिस महकमे में तू तू मैं में,विमल नेगी की रहस्यमय मौत ,सरकार द्वारा नियुक्त अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद उसे छुट्टी पर भेज दिया गया है,डी जी पी,पुलिस अधीक्षक को हटा दिया गया है,लाहौल स्पिति की विधायक का सरकार के खिलाफ गुस्सा और कई अन्य का सरकार के अंदर दम घुटना इस बात का प्रमाण है कि सुक्खू सरकार कठिन दौर से गुज़र रही है।
हिमाचल सरकार के अंदर उबाल का माहौल है,विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी सरकार गिराने का कलंक अपने ऊपर नहीं लेना…
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Er.bimal negi की रहस्यमयी मृतु पर उनके परिवार द्वारा केस को CBI को भेजने की गुहार लगाई थी और हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट ने उनकी अर्डी स्वीकार कर केस को सी बी आई को शौंपने का निर्देश दिए हैं, साथ ही इस केसें में हिमाचल के किसी पुलिस अधिकारी को न लगाने की बात कहकर यह स॔देश दे दिया है कि जांच निष्पक्ष और किसी के द्वारा केस को कमज़ोर करने की कोई कोशिश न हो पायेगी।
हिमाचल प्रदेश में पिछ्ल समय से चर्चा मैं आये इन्जीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मृत्यु का अब राज खुलने की…
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हिमाचल सरकार में क्या पक रहा है ,सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं ,आये दिन कुछ न कुछ नया देखने सुनने को मिल रहा है,कभी एक मत्री प्राइवेट हेलिकॉप्टर से जाकर उप मुख्य मत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिलकर आ रहा है,कभी कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा सिंह के खिलाफ नारे लग रहे हैं कभी कुछ मंत्रिमंडल विस्तार फेरबदल की खबरें आ रही हैं,ताजातरीन खबर उप मुख्य मत्री के फेसबुक से आ रही है,उनके खिलाफ षडयंत्र हो रहा है झूठ के पांव नहीं होगे।इन खबर को लेकर उप मुख्य मत्री खासे परेशान हैं,सूत्रों की खबर के अनुसार अभी हाल ही में मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली उत्सव मनाया बहुत सख्या जुटी और करोड़ों की धनराशि इकट्ठा की गई, यह सरकार में प्रभावशाली लोगों को राश नहीं आई और उन्होंने हाईकमान से अग्निहोत्री की शिकायत कर दी ,उससे मुकेश अग्निहोत्री खासे आहत हैं और उन्होंने फेसबुक पर अपना गुस्सा साफ जाहिर कर दिया है अब गुस्से की परणीति क्या होगी यह समय बतायेगा।
मुकेश अग्निहोत्री का दर्द क्या है,कभी निजी हेलीकॉप्टर से जाकर मनाने की कोशिश, कभी मुख्य मंत्री की कार्यप्रणाली से नाखुश,…
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न्याय पालिका और विधाई के बीच चल रहा विवाद समाप्त होना चाहिए, दोनों पक्षों को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए तभी स्वस्थ्य लोकतंत्र की कल्पना की जा सकती है,एक बात तो निश्चित है कि कोलिजिम सिस्टम से देश मे जजों के व्यवहार में बहुत बदलाव आया है और विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत तू बड़ा नहीं मैं बड़ा तक पहुंच गई है,किसी समय जजों को भगवान का रूप माना जाता है लेकिन अब जब जजों के घरों में नोटों की बोरियां देखी जा रही हैं कुछ अधजले नोट भी देखे जा रहे हैं और उस पर कोई FIR तक नहीं होती तो जनता का विश्वास टूटना लाजमी है,अब मांग उठ रही है कि कौलिजियम सिस्टम से नायाधीशों नियुक्ति नहीं होनी चाहिए इससे विधाई और न्यायपालिका में विवाद खड़े हो रहे हैं कौलिजियम के माध्यम से जो जज आ रहे हैं उन में से बहुत सारे पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं इसलिए जजों की नियुक्ति के लिए एक आयोग का गठन होना चाहिए जिससे जनता का विश्वास दुबारा न्यायालयों पर बन सके.
देश चल रहे विधाई और न्यायपालिका के बीच चल रहा विवाद समाप्त होना चाहिए, न्यायपालिका को राष्ट्रपति के पद की…
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